आंवला के चमत्कारी फायदे जानकर आप भी दंग रह जायेंगे

1
749
Benefits And Usage Of Amla

Benefits And Usage Of Amla In Hindi : आंवला Amla एक चमत्कार ही है। आँवले का महत्त्व सदियों पूर्व हमारे ऋषि मुनियों ने जान लिया था। इसके उपयोग से उन्होंने खुद को चिरयुवा और स्वस्थ रहने के लिए च्यवनप्राश जैसी औषधि बनाई जो आज भी उतनी ही प्रभावी है।

अंग्रेजी में आंवले को Indian gooseberry (इंडियन गूज़बेरी) कहते है। इसका बॉटनिकल नाम Phyllanthus emblica है। संस्कृत में इसे आमलकी कहा जाता है जिसका मतलब होता है “समृद्धि”। आज सभी लोग आंवले का प्रभाव और गुण जानते है और मानते है। इसकी जितनी भी चर्चा करें कम ही है।

शरीर के लिए आंवला अमृत है। इसमें विटामिन ” C ” प्रचुर मात्रा में होता है। शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में आंवले की कोई बराबरी नहीं है। आँवले की खास बात ये है की इसका विटामिन ” C ” कभी भी नष्ट नहीं होता। साथ ही इसका विटामिन ” C ” शरीर आसानी से जज्ब कर लेता है। इसलिए इसे किसी भी तरह यूज़ किया जा सकता है।

आंवले में मौजूद सक्सिनिक अम्ल (succinic acid) बुढ़ापे को रोकने में सक्षम होता है। ये अम्ल यौवन को पुनः लौटा भी सकता है। आंवला में पेक्टिन नाम का कार्बोहाइड्रेट शरीर के लिए अति आवश्यक तत्वों की पूर्ति करता है।

इसके अलावा भी आंवले में बहुत से ऐसे तत्व होते है जो कोशिकाओं के पुनर्निर्माण में सहायक होते है तथा शरीर की रक्त वाहिनी एवं स्नायु को कठोर होने से बचाते है। जिसकी वजह से शरीर में कम उम्र वाला लचीलापन बना रहता है।

आँवले का उपयोग कैसे करें (Amla Uses):

इसे ताजा साबुत खाना सबसे अच्छा है। आंवले का रस भी ले सकते है। आंवले का रस बनाने के लिए कच्चे आंवले को पीस लें। इसे कपड़े में भरकर दबाएँ। इस  प्रकार निकला हुआ रस आंवले का रस है।

एक गिलास पानी में दो चम्मच आंवले का रस और एक चम्मच शहद मिलाकर पीना बहुत लाभदायक होता है।

नवंबर से मार्च महीने तक ताजा आंवला उपलब्ध रहता है। जनवरी -फरवरी में मिलने वाला आंवला सर्वश्रेष्ठ होता है। जैम या मुरब्बा बनाने के लिए ये उपयुक्त समय होता है। बड़ा आंवला जिसके गूदे में रेशा नहीं हो और जिसमे दाग धब्बे नहीं हो वो अच्छा होता है।

आंवला के फायदे (Benefits Of Amla):

Benefits And Usage Of Amla

ह्रदय रोग (Heart Disease):

आंवला कोलेस्ट्रॉल कम करता है तथा आर्टरी में जमाव को रोकता है। किसी भी रूप में आंवले का लगातार सेवन ह्रदय रोग को दूर रखता है।

सेवन के ये तरीके हो सकते है:-

  • आंवले का चूर्ण आधा चम्मच और मिश्री आधा चम्मच मिलाकर रोजाना पानी के साथ निगल लें।
  • आंवले का मुरब्बा 2 पीस खाकर एक गिलास मलाई निकला दूध पी लें।
  • आधा कप पानी में तीन चम्मच आंवले का रस और मिश्री मिलाकर रोज पिएं।

बालों के लिए (For Hair):

बालों के लिए आंवला वरदान है। किसी भी रूप में आंवला खाना बालों के लिए फायदेमंद है। आंवले का तेल बालों में जरूर लगाना चाहिए। आंवले का तेल घर पर आसानी से बनाया जा सकता है ।

इसके अलावा बाल धोने के लिए आंवला ,अरीठा और शिकाकाई बराबर मात्रा में लेकर बारीक पीस लें। ये मिश्रण चार चम्मच एक गिलास पानी में डालकर उबाल लें। ठंडा होने पर मसलकर छान लें। इससे बाल धोने बाल साफ , सुंदर , मुलायम, काले और लम्बे होते है।

नकसीर (Hemorrhage):

आंवले का मुरब्बा नियमित खाने से नकसीर बंद होती है। तीन चम्मच आंवले का रस मिश्री मिलाकर रोज पीने से नकसीर बंद हो जाती है । इसके अलावा सूखे आंवले पानी में भिगोकर , इस पानी से सिर धोने से नकसीर बंद हो जाती है।

पाचन तंत्र (Digestive System):

आंवला के नित्य उपयोग से मेटाबोलिज्म सुधरता है पाचन तंत्र शक्तिशाली बनता है। गैस व पेटदर्द की शिकायत नहीं होती। खाना जल्दी हजम होकर शरीर को शक्ति देता है। इस प्रक्रिया से एनर्जी बनी रहती है थकान नहीं लगती , मांसपेशियां मजबूत बनती है।

इसके अलावा वजन नहीं बढ़ता। इसके लिए खाना खाने के बाद सूखे आंवले का चूर्ण एक चम्मच लेना चाहिए या सोते समय भी ले सकते है।

स्वप्न दोष (Nightmare):

आधा कप पानी में चार चम्मच आंवले का चूर्ण डालकर रात को भिगो दें। सुबह छानकर चार चुटकी हल्दी मिलाकर पी लें। इससे स्वप्न दोष ठीक होता है।

एसिडिटी (Acidity):

सुबह खाली पेट दो चम्म्च आंवले के रस में एक चम्मच मिश्री मिलाकर लेने से एसिडिटी ठीक होती है। आंवले का चूर्ण बराबर मात्रा में मिश्री मिलकर पानी के साथ फांकने से भी अम्ल पित्त ठीक हो जाता है।

सिरदर्द (Headache):

दो चम्म्च आंवले का चूर्ण , एक चम्म्च देसी घी और एक चम्म्च मिश्री मिलाकर सुबह खाली पेट खाने से कुछ दिनों में सिरदर्द चला जाता है।

ब्लड प्रेशर (Blood Pressure):

आंवला शरीर में सोडियम को कम करता है। इसलिए इसके उपयोग से  बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर कम होता है। आंवले पर्याप्त मात्रा में फाइबर होने के कारण भी ये ब्लड प्रेशर के लिए लाभदायक है।

दस्त (Diarrhea):

आंवले का चूर्ण और काला नमक समान मात्रा में मिलाकर पानी साथ लेने से दस्त बंद हो जाते है। आंवले का मुरब्बा खाने से भी दस्त में आराम मिलता है।

खांसी (Cough):

आंवले का चूर्ण मिश्री के साथ दिन में तीन चार बार चूसने से खांसी ठीक हो जाती है। आंवले की हरी पत्तियां छाया में सुखाकर बारीक पीस लें। ये चूर्ण सुबह शाम एक चम्मच पानी के साथ लेने से हर प्रकार की खांसी में आराम मिलता है।

पेशाब की तकलीफ (Urination Trouble):

आंवला पेशाब में परेशानी मिटाता है। आंवला खाने से पेशाब खुलकर आता है जिससे शरीर के विजातीय द्रव्य, टोक्सिन , यूरिक एसिड आदि निकल जाते है और शरीर शुद्ध होता है।

चार चम्मच आंवले के में दो चम्मच शहद और थोड़ी सी हल्दी मिलाकर सुबह शाम लेने से पेशाब में मवाद आती हो तो बंद हो जाती है।

स्मरण शक्ति (Memory):

आंवला खाली पेट रोजाना आंवले का मुरब्बा खाने से स्मरण शक्ति तेज हो जाती है। किसी भी उम्र में ये लिया जा सकता है और कारगर साबित होता है।

तो दोस्तो, हमारा ये आर्टिकल आपको कैसा लगा? अगर अच्छा लगा, तो इसे अन्य लोगों के साथ भी ज़रूर शेयर करें। न जाने कौन-सी जानकारी किस ज़रूरतमंद के काम आ जाए। साथ ही, अगर आप किसी ख़ास विषय या परेशानी पर आर्टिकल चाहते हैं, तो कमेंट बॉक्स में हमें ज़रूर बताएं। हम यथाशीघ्र आपके लिए उस विषय पर आर्टिकल लेकर आएंगे। धन्यवाद।

कृपया यहां क्लिक करें और हमारे फेसबुक पेज पर जाकर इसे लाइक करें

कृपया यहां क्लिक करें और हमारे इंस्टाग्राम पेज पर जाकर इसे लाइक करें

कृपया यहां क्लिक करें और हमारे टवीटर पेज पर जाकर इसे लाइक करें

कृपया यहां क्लिक करें और हमारे यूट्यूब चैनल पर जाकर इसे सब्सक्राइब करें

 

Ayurvedic Health Care Advertisement

1 COMMENT

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here